IndiGo की 10% कटौती—उड़ानें कम, टेंशन ज़्यादा!

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

भारत की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन IndiGo इन दिनों turbulence में है—और वो भी आसमान में नहीं, धरती पर! नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने सख्त सुर में कहा है कि एयरलाइन को अपने ऑपरेशंस में 10% की कटौती करनी ही होगी। वजह? पिछले दिनों इतने कैंसिलेशन हुए कि यात्रियों को लगा—“भाई, क्या उड़ान है, जो उड़ ही नहीं रही?”

लेकिन ध्यान रहे—रूट बंद नहीं होंगे, सिर्फ उड़ानों की संख्या थोड़ी “slim” की जाएगी। इसे ministy version of intermittent fasting समझ लीजिए।

क्या बंद हो जाएंगी IndiGo की सेवाएं?

नहीं! Civil Aviation Minister राम मोहन नायडू ने खुद पोस्ट कर कहा है। IndiGo किसी भी डेस्टिनेशन से गायब नहीं होगा। सिर्फ उड़ानें थोड़ी कम होंगी—जैसे भीड़ में elbow-room मिल जाए।

सरकार का कहना है कि यह कदम यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए है, हालांकि यात्री सोच रहे होंगे—“कम उड़ानें = कम परेशानियां? कैसे भाई?”

क्रू रोस्टरिंग और फ्लाइट शेड्यूलिंग बनी सिरदर्द

पिछले हफ्ते IndiGo की शेड्यूलिंग और क्रू मैनेजमेंट ऐसे बिगड़े कि लोग अपने boarding passes लेकर भी घर पर ही बैठे रह गए। सरकार ने साफ कर दिया, जांच जारी है—और इस बार warning नहीं, action mode में है।

IndiGo CEO Pieter Elbers की फिर से पेशी!

CEO साहब को फिर मंत्रालय में बुलाया गया। उन्होंने बताया- 6 दिसंबर तक सभी प्रभावित यात्रियों को 100% refund दे दिया गया। बाकियों के refund और baggage हैंडओवर को “fast-track” किया जा रहा है।

मंत्रालय ने tone में कहते हुए कहा, “सब ठीक से और समय पर होना चाहिए… वरना turbulence और बढ़ जाएगी!”

10% कटौती का मतलब क्या?

सरकार के मुताबिक:

  • IndiGo अपने सभी रूट्स पर continue करेगा
  • बस उड़ानों की 10% trimming की जाएगी
  • Fare capping और passenger सुविधा वाले नियमों का सख्ती से पालन होगा

यानी सरकार ने एयरलाइन को बोल दिया—“किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी, sky भी limit नहीं है।”

यात्रियों की मुश्किलें कम होंगी या बढ़ेंगी—ये आने वाले दिनों में पता चलेगा। फिलहाल इंडिगो passengers यही सोच रहे हैं- “10% कट से फ्लाइट time पर आएगी या ये भी delayed announcement है?”

“पहले आंखें दिखाई… अब आंख मिलाई! महायुति में फिर ‘मिलन’ मोड ऑन”

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